(बैतूल) कलेक्टर ने विभाग प्रमुखों से कहा फिजूलखर्ची बंद करो, अब सरकार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं , - शासन के दिशा निर्देश को लेकर जिले में सभी विभाग प्रमुखों को मित्तव्यता को लेकर आदेश जारी
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बढ़ती वैश्विक चुनौतियों और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने शासकीय कार्यालयों में खर्च कम करने और ऊर्जा संरक्षण को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर कार्यालय ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को शासन के निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। निर्देशों में सरकारी बैठकों से लेकर बिजली की खपत, सरकारी यात्राओं और कार्यालयों के दैनिक संचालन तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार अब विभागीय बैठकें, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या हाइब्रिड माध्यम से आयोजित किए जाएंगे, ताकि अनावश्यक खर्च और समय की बचत हो सके। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग तथा विद्युत वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- सरकारी यात्राएं सीमित रखेेंगे...
सरकार ने सरकारी यात्राओं पर भी सख्ती दिखाई है, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में ही शासकीय यात्राओं को स्वीकृति दी जाए, जहां संभव हो, डिजिटल माध्यमों से बैठकें और संवाद आयोजित किए जाएं ताकि यात्रा व्यय में कमी लाई जा सके।
- बिजली बचाने के लिए फार्मूला...
ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी प्रशासन ने विशेष जोर दिया है। सभी कार्यालयों को नियमित रूप से बिजली की खपत का परीक्षण कराने तथा ऊर्जा बचत के उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे अहम निर्देश यह है कि कार्यालय समय समाप्त होने के बाद, विशेष रूप से शाम 7 बजे के बाद, कार्यालयों में अनावश्यक रूप से चल रहे एयर कंडीशनर (एसी), लाइट, कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य विद्युत उपकरणों को पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य सरकारी बिजली खर्च में कमी लाने के साथ ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देना है। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि सभी विभाग अपने कार्यालय परिसरों में ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर जन-जागरूकता गतिविधियां भी संचालित करें। कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया है।
- केवल आदेश नहीं इस बार निगरानी भी...
शासन ने केवल निर्देश जारी कर औपचारिकता पूरी नहीं की है, बल्कि इनके प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी की व्यवस्था भी बनाई है। सभी विभाग प्रमुखों को अपने-अपने स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, हर माह की 5 तारीख तक किए गए कार्यों और उपलब्धियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन कलेक्टर कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा। प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यदि इन निर्देशों का गंभीरता से पालन किया गया तो सरकारी खर्च में उल्लेखनीय कमी आने के साथ बिजली की बचत, ईंधन की खपत में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि विभाग इन आदेशों को सिर्फ कागजों तक सीमित रखते हैं या वास्तव में सरकारी कार्यप्रणाली में मितव्ययिता और जवाबदेही की नई संस्कृति विकसित होती है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 03 जुलाई 2026


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