(बैतूल) नेहरू पार्क का संग्रहालय देखकर पुरातत्व विभाग के अफसर बोले 'बर्बाद कर दिया' , - फोटो जर्नलिस्ट जय मालवी के प्रयासों के बाद संग्रहालय को लेकर केन्द्रीय पुरातत्व विभाग ने ली सुध
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। नेहरू पार्क स्थित जिले का एकमात्र पुरातत्व संग्रहालय वर्षो से बदहाली की हालत में है। इस पुरातत्व संग्रहालय को लेकर बैतूल के फोटो जर्नलिस्ट जय मालवी लगातार अलग-अलग स्तर पर आवेदन देकर इसकी स्थिति सुधारने के लिए आवाज उठाते आ रहे है, उन्होंने बैतूल कलेक्टर से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक अपनी बात रखी थी। उनकी इन कोशिशों का नतीजा यह रहा कि केन्द्रीय पुरातत्व विभाग ने बैतूल के पुरातत्व संग्रहालय की सुध ली। बुधवार को केन्द्रीय पुरातत्व विभाग के कंजरवेटर अस्सिटेंट विजय शर्मा अपने साथी अधिकारी के साथ बैतूल पहुंचे। उन्होंने नेहरू पार्क स्थित पुरातत्व संग्रहालय का निरीक्षण किया और कहा की यहां पर पुरातत्व संपदा को बर्बाद किया जा रहा है। इस पुरातत्व संग्रहालय को लेकर पूर्व में खबरें प्रकाशित कर चुके एक पत्रकार से भी उन्होंने चर्चा की और उस पर जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कहा कि इसकी एक रिपोर्ट बनाएंगे जो केन्द्रीय पुरातत्व संग्रहालय और राज्य पुरातत्व विभाग को भेजेंगे। इसके बाद वे बैतूल कलेक्टर से भी इस संबंध में मुलाकात कर चर्चा करेंगे। जिससे कि इस संग्रहालय की संपदा को सुरक्षित किया जा सके और संग्रहालय को बेहतर बनाया जा सके। उन्हें चर्चा में बताया गया कि यहां के ताम्र पत्र पूर्व में नागपुर संग्रहालय चले गए जो वहां रखे हुए है। यहां की कई पांडूलिपियां गायब है, मूर्तियां गायब है? उन्होंने पूछा कि इसके संबंध में और किसे विस्तृत जानकारी है जहां यहां का इतिहास और उपलब्ध संपदा को लेकर बता सके? उन्हें बताया गया कि बैतूल में एक इतिहास के प्रोफेसर डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे थे जो गंज हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहते थे, उन्हें इस संग्रहालय को लेकर तमाम जानकारियां थी लेकिन उनका देहांत भी हो गया है। तो एएसआई के अधिकारी विजय शर्मा ने उनके परिजनों से मिलकर जानकारी लेने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि यहां पर जो संपदा है वह पुरातत्व के लिहाज से बेहद बहुमूल्य है और इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि इसकी देखरेख और जिम्मेदारी किसकी है तो उन्हें बताया गया कि पार्क के संबंधित तमाम देखरेख नगरपालिका की है, लेकिन यह संग्रहालय जनजाति कार्य विभाग का है। यह विभाग कभी भी इस संग्रहालय को लेकर ध्यान नहीं देता है। उन्हें यह भी बताया गया कि जब बी. चन्द्रशेखर बैतूल कलेक्टर थे तब उन्होंने इस संग्रहालय को छिंदवाड़ा के पुरातत्व संग्रहालय की तरह बनाने के प्रयास शुरू किए थे और बैतूल नपा के सब इंजीनियर नगेन्द्र वागद्रे को छिंदवाड़ा भी भेजा था, लेकिन उनका तबादला हो जाने के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। उन्हें यह भी बताया गया कि पहले इस संग्रहालय में अध्यक्ष बैतूल के पूर्व विधायक विनोद डागा थे और सचिव डॉ लक्ष्मीनारायण पांडे थे , लेकिन दोनों का देहावसान हो चुका है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 09 जुलाई 2026


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