(बैतूल) नपा के विकास शुल्क जुटाने की कोशिशों पर पानी फेर रहा राजस्व , - बैतूल नगरपालिका को 93 अवैध कालोनियों से वसूलना है लगभग 100 करोड़
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल नगरपालिका शासन की मंशा के अनुरूप चिन्हित 93 अवैध कालोनियों में विकास शुल्क जुटाने के लिए ना केवल तत्पर है बल्कि प्रयास भी कर रही है, लेकिन उसके प्रयास फलीभूत इसलिए नहीं हो पा रहे है कि राजस्व विभाग अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है? दरअसल इन चिन्हित अवैध कालोनियों में विकास शुल्क जुटाने के लिए बंधक रखे प्लॉट या कालोनाईजर की खाली पड़ी भूमि को अधिग्रहित करना है। अधिग्रहित करने के लिए यह जरूरी है कि राजस्व विभाग का अमला उक्त कालोनियों में पहुंचकर सीमांकन करें और खाली पड़ी जमीन को चिन्हित करके दे, लेकिन अभी तक राजस्व अमले ने ऐसा कुछ भी करने में कोई भी रूचि नहीं दिखाई है, जबकि नगरपालिका से इस संबंध में तहसीलदार बैतूल से बकायदा पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन कोई परिणाम नहीं है।
- कलेक्टर की टीएल में शामिल मामला फिर भी परिणाम नहीं...
अवैध कालोनियों के विकास शुल्क लेकर उन्हें लीगल करने का मामला कलेक्टर की टीएल में शामिल है और हर सोमवार उसकी समीक्षा होती है, इसके बावजूद जो तेजी आना चाहिए वहीं दिखाई नहीं दे रही है।
- नगरपालिका कर चुकी तमाम तरह की खानापूर्ति...
बैतूल नपा अवैध कालोनियों के मामले में सूचना प्रकाशन से लेकर स्टीमेट बनाने और अवैध कालोनाईजरों को नोटिस जारी करने जैसी तमाम कार्रवाई पूर्व में कर चुकी है, अब केवल जमीन कुर्की का मसला है।
- करीब 100 करोड़ रूपए का नपा को लेना है शुल्क...
2022 तक की चिन्हित 93 अवैध कालोनियों से नगरपालिका द्वारा बनवाएं गए स्टीमेट और जारी नोटिस के अनुसार तकरीबन 100 करोड़ रूपए विकास शुल्क वसूलना है जिससे इन अवैध कालोनियों में विकास कार्य हो सके ।
- 2022 के बाद की कालोनियों में भी चल रही है अब प्रक्रिया...
2022 तक के पहले अवैध कालोनियों को चिन्हित कर उन्हें वैद्य करने की दिशा में पिछले चार वर्ष से प्रक्रिया चल ही रही है, लेकिन 2022 के बाद भी नगरीय क्षेत्र में जो अवैध कालोनियां बनी है उन्हें भी चिन्हित कर उसमें प्रक्रिया की जा रही है।
- जिले में 2022 तक कुल 302 अवैध कालोनियों चिन्हित...
बैतूल नगरपालिका ही नहीं बल्कि अन्य नगरीय निकाय में भी अवैध कालोनियाँ है, इनको लेकर भी बैतूल नगरपालिका की तरह ही सूचना प्रकाशन और अन्य तरह की खानापूर्तियां की गई है। यहां भी अभी तक कालोनियों को वैद्य करने को लेकर विकास शुल्क वसूलने जाने को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बैतूल के बाद सबसे ज्यादा अवैध कालोनियां मुलताई, आमला और सारनी में है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 11 जुलाई 2026


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