बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। लंबे समय से पदोन्नति में आरक्षण का मामला न्यायालय में लंबित होने का मामला सरकार ने कार्यवाहक और उच्च पद प्रभार के आधार पर पदोन्नतियां दी थी, लेकिन अब सरकार नियमित पदोन्नतियां देते हुए कार्यवाहक और उच्च पद प्रभार का ठप्पा हटा रही है। इसी प्रक्रिया के तहत इन दिनों में बड़े पैमाने पर पदोन्नति आदेश जारी हो रहे है। इन आदेशों से कर्मचारी तबके में खुशी है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह पदोन्नतियां भी भविष्य के कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगी, जो पदोन्नति आदेश जारी किए जा रहे है उसमें स्पष्ट शब्दों में इस बात का उल्लेख किया जा रहा है। वर्तमान में राजस्व, पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभागों में थोक में  उच्च पद प्रभार और कार्यवाहक को नियमित पदोन्नति दी जा रही है। इसलिए हर दिन किसी ना किसी विभाग की पदोन्नति सूची सामने आ रही है। खैर इस तरह की पदोन्नति से अब जो अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे है थे उन्हें भी फायदा मिलेगा। 

- कार्यवाहक से नियमित पदोन्नति से भी एक तबके में हडक़ंप...
 पुलिस विभाग में जो आरक्षक से प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक से एएसआई, एएसआई से एसआई और एसआई से टीआई सहित टीआई से डीएसपी के लिए जो पदोन्नति की जा रही है वह सशर्त है, इस पदोन्नति की वजह से जो पूर्व में कार्यवाहक बन गए थे उनमें से कुछ पर रिवर्ट होने का खतरा पैदा हो गया है। जैसे कोई कार्यवाहक एएसआई बन गया था वह वापस प्रधान आरक्षक बनेगा इससे हडक़ंप भी है।

- सरकार ने स्पष्ट कर दिया पदोन्नति कोर्ट के आदेश के अधीन...
 अपने पदोन्नति आदेश में सरकार बिल्कुल स्पष्ट करते जा रही है कि वर्तमान में जो पदोन्नति आदेश जारी हो रहे है उसमें बताया गया कि समस्त पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13994/2016 एवं सर्वोच्च न्यायालय सहित उच्च न्यायालय द्वारा भविष्य में पारित किए जाने वाले आदेश के अधीन होगी। मतलब यह है कि भविष्य में जो आदेश आएगा वह इन पदोन्नतियों को प्रभावित कर सकता है।
 
- अब आगे की पदोन्नति के लिए भी खुल जाएगा रास्ता...
इस नियमित पदोन्नति से आगे की पदोन्नति के लिए भी रास्ता खुल जाएगा, क्योंकि मूल पद में परिवर्तन आ जाएगा। पूर्व में जो कार्यवाहक या उच्च पद प्रभार दिया जा रहा था उसमें मूल पद नहीं बदल रहा था इसलिए अगली पदोन्नति के चांस नहीं थे। मतलब जैसे कोई आरक्षक से कार्यवाहक प्रधान आरक्षक बना तो उसे कार्यवाहक प्रधान आरक्षक से कार्यवाहक एएसआई के लिए कोई चांस ही नहीं था।

- और जिले में दो कार्यवाहक टीआई रिवर्ट होकर बन सकते है सब इंस्पेक्टर...
वर्तमान में इंस्पेक्टर और डीएसपी की पदोन्नति सूची सामने नहीं आई है, लेकिन जो पदोन्नति के लिए शर्ते जोड़ी गई है उसमें यह भी रखा गया है कि किसी के खिलाफ विभागीय जांच चल रही हो तो उसे इस पदोन्नति में शामिल नहीं किया जाएगा। जिले में दो कार्यवाहक टीआई ऐसे है जिनके ऊपर विभागीय जांच लंबित है और माना जा रहा है कि उन्हें नियमित पदोन्नति नहीं मिलेगी। बल्कि वे वापस सब इंस्पेक्टर बन जाएंगे। इनमें से एक टीआई वे है जो बैतूल पोस्टिंग में किसी भी थाने में तीन माह से ज्यादा नहीं टिके और वर्तमान में लाईन में है और दूसरे टीआई अभी पवित्र नगरी से एक अन्य थाने में पहुंचे है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 14 जुलाई 2026