बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। भोपाल-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-46) के महत्वपूर्ण बैतूल-बरेठा घाट फोरलेन परियोजना का रुका हुआ निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए स्थगन (स्टे) को निरस्त कराने के लिए एनएचएआई ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन प्राधिकरण को उम्मीद है कि जल्द राहत मिलने पर निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष मीना ने बताया कि 14 जुलाई को हाईकोर्ट में भी इस मामले की सुनवाई हुई थी, लेकिन कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़ी सभी वैधानिक, तकनीकी और पर्यावरणीय औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। अब केवल न्यायालयीन स्थगन ही निर्माण कार्य शुरू होने में बाधा बना हुआ है। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गई है।
करीब 21 किलोमीटर लंबा बरेठा घाट सेक्शन भोपाल-नागपुर फोरलेन परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह मार्ग पेंच टाइगर लैंडस्केप और वन्यजीव कॉरिडोर से होकर गुजरता है, इसलिए परियोजना के लिए कई स्तरों पर पर्यावरणीय मंजूरियां आवश्यक थीं। मार्च में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल), केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सहित सभी संबंधित एजेंसियों से आवश्यक स्वीकृतियां मिल चुकी हैं। इसके बावजूद हाईकोर्ट के स्टे के चलते इस हिस्से में निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जबकि परियोजना के अन्य हिस्सों पर कार्य जारी है।
परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके तहत 10 वाइल्ड लाइफ अंडरपास, एक बड़ा वाइल्ड लाइफ ओवरपास, रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी), रोड ओवरब्रिज (आरओबी) और व्हीकल अंडरपास (वीयूपी) सहित कई आधुनिक संरचनाएं बनाई जाएंगी। इनका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और सडक़ दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
बरेठा घाट तीखे मोड़ों, भारी वाहनों के दबाव और लगातार होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं के कारण लंबे समय से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। फोरलेन बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। भोपाल और नागपुर के बीच यात्रा का समय घटेगा, जाम की समस्या कम होगी तथा मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच माल परिवहन को भी गति मिलेगी।
अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर है। यदि शीर्ष अदालत से एनएचएआई को राहत मिलती है और हाईकोर्ट का स्टे हटता है, तो लंबे समय से रुका बैतूल-बरेठा घाट फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र के लोगों को बेहतर सडक़ सुविधा मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को भी नई रफ्तार मिल सकेगी।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 16 जुलाई 2026