(बैतूल) घटिया निर्माण से सडक़ों की बर्बादी छिपाने प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ भारी आवाजाही पर फोड़ रहा है ठीकरा , - समीक्षा बैठक में सडक़ें उखडऩे का मामला उठने पर अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त सडक़ों की दी सूची
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। ग्रामीण क्षेत्र की सडक़ें जो कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के तहत अलग-अलग समय पर बनाई गई, इनमें से कई सडक़ें अभी भी मेंटेनेंस अवधि में है। यह सडक़ें उखड़ चुकी है और इससे ग्रामीण क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हो रही है। सडक़ें उखडऩे को लेकर ग्रामीणों सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा आवाज उठाई जा रही है। स्थिति यह है कि समीक्षा बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की सडक़ों को लेकर स्थान सहित उल्लेख करने के बाद कलेक्टर ने इन सडक़ों की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ पीआईयू से एक रिपोर्ट मांगी थी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ ने करीब तीन दर्जन सडक़ें क्षतिग्रस्त बताकर इसका ठीकरा इन सडक़ों पर भारी आवाजाही पर फोड़ दिया है। जबकि सच्चाई यह है कि सडक़ के निर्माण में ही खुली धांधली की गई।
प्रधानमंत्री ग्रामीण के सडक़ निर्माण में ही तकनीकी मापदंड रखे जाते है ताक पर
प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ के निर्माण प्रक्रिया और तरीके को लेकर हमेशा से गंभीर सवाल उठते रहे है। आरोप लगते है कि इन सडक़ों के निर्माण में तकनीकी मापदंड ताक पर रख दिए जाते है। सामान्य तौर पर अर्थ वर्क से लेकर डामर या बिटुमिन लेयर बिछाने तक ठेकेदार खुली मनमानी करते है। चूंकि यह सडक़ें दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र में बनती है ऐसे में इन सडक़ों के निर्माण को लेकर किसी का भी ध्यान नहीं जाता है, जिसका पूरा फायदा उठाया जाता है। मटेरियल क्वालिटी से लेकर क्वांटिटी तक खुली धांधली होती है।
- हर बार अपना घटिया निर्माण छिपाने भारी वाहनों की आवाजाही बताकर झाड़ लेते है पल्ला...
पंचायती राज के एक बड़े जनप्रतिनिधि ने बताया कि जब भी प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ में किसी भी सडक़ के उखड़ जाने या समय से पहले बर्बाद हो जाने को लेकर सवाल उठता है तो यह देखने में आता है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ के अधिकारी सडक़ों पर भारी वाहनों की आवाजाही बताकर सडक़ उखडऩे का प्रमुख कारण बता देते है। उनका कहना है कि हर बार यही स्थिति देखने में आती है। उनका आरोप है कि सडक़ निर्माण में ही केवल लीपापोती करने के कारण यह सडक़ें समय के पहले दम तोड़ देती है।
- बड़े पैमाने पर एडी के भी लगते है इन सडक़ों में आरोप...
आरोप तो यह भी लगता है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ में बड़े पैमाने पर एडी होता है जिसे एडजस्टमेंट कहा जाता है। अधिकारी ठेकेदार के साथ मिलकर स्टीमेट रिवाईज का खेल भी बड़े पैमाने पर खेलते है। बैतूल से तबादला होकर जा चुके महाप्रबंधक जैन के दोनों कार्यकाल में बड़े पैमाने पर एडी किए जाने के आरोप अक्सर सुनाई देते है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 20 जुलाई 2026


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