बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। इस खरीफ सीजन में खाद संकट से ज्यादा ई-टोकन सिस्टम किसानों के लिए समस्या बनी है।  पहले तो किसानों को यही समझ नहीं आया कि ई-टोकन जनरेट होने के बाद उसकी भी टाईम लिमिट है। ऐसे में बहुत से किसान जब तक खाद उठाने पहुंचे तब तक उसकी अवधि ही खत्म हो गई। वहीं दूसरी ओर ऑनलाईन सिस्टम में नजर आ रही खाद की उपलब्धता की वजह से भी अनेक किसानों के ई-टोकन बिना खाद उठाए ही डेड हो गए। ऐसे में किसान को फिर से वहीं मशक्कत कर ई-टोकन जनरेट कराना पड़ा। 16 जुलाई की स्थिति में बैतूल जिले में लगभग एक लाख 6 हजार 477 ई-टोकन बिना खाद उठाए ही डेड हो गए। 16 जुलाई के कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिले में खरीफ सीजन के लिए कुल 2 लाख 64 हजार 415 ई-टोकन जनरेट हुए थे। इसमें से 1 लाख 54 हजार 688 कूपन पर किसानों ने खाद उठाया। वहीं 6250 ई-टोकन लंबित स्थिति में थे।

- पहले दो दिन फिर तीन दिन की गई ई-टोकन की लाईफ लाईन...
शुरूआत में ई-टोकन की उम्र महज 2 दिन की थी, ऐसे में किसान जब तक ई-टोकन के अनुसार उपलब्ध सोसायटी या दुकान तक खाद लेने पहुंचता था तब तक उसकी अवधि ही खत्म हो जाती थी और किसानों को खाली हाथ लौटकर आने के बाद दोबारा ई-टोकन जनरेट कराना पड़ रहा था। जब इसको लेकर हल्ला मचा तो सरकार ने ई-टोकन की लाईफ लाईन दो दिन से बढ़ाकर तीन दिन कर दी।

- ई-टोकन जनरेट करना ही सबसे मुश्किल काम किसानों के लिए...
किसानों ने बताया कि शुरू से लेकर अभी तक ई-टोकन जनरेट करना ही किसान के लिए सबसे मुश्किल है। सरकार और कृषि विभाग लाख दावे करें, लेकिन सच्चाई यह है कि ई-टोकन आसानी से जनरेट नहीं होता। कभी सर्वर नहीं चलता तो कभी ई-टोकन का पोर्टल ही रिटेलर की जानकारी नहीं देता है। इस तरह की समस्याओं के बाद घंटो खर्च करने पर ई-टोकन जनरेट होना खुशनसीबी मानी जाती है। 

- रिटेलर ऑनलाईन सिस्टम में खाद का स्टॉक नहीं दिखा रहे...
इधर मिलानपुर के किसान बंटी कापसे ने बताया कि ई-टोकन सिस्टम में सबसे बड़ी समस्या यह है कि जिन रिटेलर के पास खाद उपलब्ध है वे ऑनलाईन सिस्टम में इसे जाहिर नहीं करते है और ऐसी स्थिति में ई-टोकन जनरेट होने में दिक्कत आती है। उन्होंने बताया कि वे ई-टोकन जनरेट कर रहे तो उनके आसपास के रिटेलर की जगह चिचोली और आठनेर के रिटेलर शो हो रहा था। 

- 1 लाख 4625 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध और 83 हजार का वितरण...
कृषि विभाग के 16 जुलाई के रिकार्ड के अनुसार जिले में सभी तरह की खाद मिलाकर 1 लाख 4 हजार 625 मीट्रिक टन का भंडारण बताया जा रहा है वहीं 79 हजार 43 मीट्रिक टन का वितरण बता रहे है और वर्तमान में स्टॉक में 25 हजार 582 मीट्रिक टन की उपलब्धता बता रहे है। कृषि विभाग के अनुसार पिछले वर्ष 31 जुलाई तक 94 हजार 292 मीट्रिक टन खाद का वितरण हुआ था। वहीं अब तक 83 हजार मीट्रिक टन खाद किसानों को उपलब्ध कराया जा चुका है।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 23 जुलाई 2026