बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। पुलिस विभाग में पदोन्नति के बाद नए सिरे से पोस्टिंग नहीं हुई है और इस वजह से कई नायाब और नियम विरूद्ध स्थितियां नजर आ रही है, जैसे बैतूल जिले के चोपना थाने में देखने में आ रहा है, यहां पर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर रवि शाक्य है और इसी थाने में उनके अधीनस्थ पदस्थ ओमप्रकाश यादव पदोन्नत होकर टीआई बन चुके है और वर्तमान में वे चोपना थाना में ही पदस्थ है, लेकिन थाना प्रभारी नहीं है। बताया जा रहा है कि पदोन्नति के बाद जिस तरह से पूरे प्रदेश स्तर पर तबादले होना थे वह नहीं हुए है इसलिए जो टीआई से डीएसपी बने है वे भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे है, उन्हें नई पदस्थापना नहीं दी गई है, इसलिए वे टीआई वाली पदस्थापना पर ही पदस्थ है। कहा जा रहा है कि जल्द ही बड़े पैमाने पर सब इंस्पेक्टर, टीआई और डीएसपी की तबादला सूची पीएचक्यू को जारी करना पड़ेगा तब सही तरीके से पोस्टिंग हो पाएगी। 

- गफलत : प्रमोटी उपनिरीक्षक को जूनियर बताकर निरीक्षक बनने से वंचित किया...
बैतूल विभाग के सूत्रों ने बताया कि निरीक्षक से डीएसपी और एसआई से निरीक्षक के पदोन्नति में गड़बडिय़ां सामने आ रही है। वर्ष 2015 में सीधी भर्ती से एसआई बने अधिकारी 2026 की प्रमोशन सूची में जूनियर बन गए है। कई सब इंस्पेक्टर अब रिटायरमेंट की तरफ है ऐसे में नए नियम के गफलत में उनके टीआई से रिटायर होने के मंसूबे पर पानी फिर गया है। जो नियम है उसके अनुसार मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती नियम 1997 के अनुसार प्रमोटी उपनिरीक्षक को निरीक्षक बनने के लिए चार वर्ष की सेवा जरूरी होती है। वहीं सीधी भर्ती वालों को 6 वर्ष की। 2015 में प्रमोट उपनिरीक्षक का आदेश 26 फरवरी 2015 को जारी हुआ। सीधी भर्ती वालों का आदेश 15 फरवरी 2015 का था, लेकिन 2026 तक नियमित पदोन्नतियां हुई नहीं। ऐसे में जब 2026 में पदोन्नतियां शुरू हुई तो 15 फरवरी 2015 वाले एसआई को वरिष्ठ वेतनमान दे दिया। जबकि 26 फरवरी 2015 को प्रमोट होकर एसआई बने निरीक्षकों को जूनियर मानकर सूची से बाहर कर दिया गया है। 

- जिले में हुए तबादलों में डीजीपी के आदेश की अनदेखी...
जब सरकार की पॉलिसी के अनुसार जिले से राज्य तक तबादले हो रहे थे तब बैतूल जिले में पुलिसकर्मियों के तबादले में डीजीपी के आदेश की अनदेखी की गई। देखने में यह आ रहा है कि कई पुलिसकर्मी जो एक ही अनुविभाग के थानों में लंबे समय से तैनात है उन्हें अन्य अनुविभाग में तबादला नहीं किया गया। इसमें बैतूल और मुलताई अनुविभाग में बड़ी संख्या बताई जाती है। अब ऐसा क्यों हुआ यह अनुसंधान का विषय है। वैसे बैतूल जिले में कई एएसआई और एसआई 5 वर्ष से अधिक से तैनात है।

- एसपी ऑफिस में भी जूनियर सीनियर पर है भारी...
एसपी ऑफिस को लेकर पुलिस कर्मियों की चर्चा से यह सामने आया कि यहां पर प्रभार को लेकर जो स्थिति है उसमें जूनियर सीनियर पर भारी पड़ता दिखाई देता है। वहीं लंबे समय से एसपी ऑफिस में पुलिसकर्मी अटैच है उनको भी डीजीपी के आदेश अनुसार फील्ड में नहीं भेजा गया।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 27 जुलाई 2026