(बैतूल) जिस बालाजी विहार का विज्ञापन छपा उसे दो पटवारी और आरआई नहीं ढूंढ पा रहे हैं, - विज्ञापन में दिए गए दो नंबर पर कॉल अटेंड नहीं करने से जताई जा रही फ्राड की आशंका
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल शहर से लगे ग्रामीण इलाकों में कई कालोनियां आकार ले रही है जिसमें से कुछ के पास अनुमतियां है और कुछ के पास कुछ भी नहीं है? ऐसी ही एक कालोनी आम लोगों की नजर में आई है। जिसकी अनुमति को लेकर गंभीर सवाल है? दीपावली के दौरान एक बालाजी विहार कालोनी का विज्ञापन छपा था, इस विज्ञापन में बताया गया था कि आठनेर रोड पर यह कालोनी बन रही है। इस कालोनी में प्लॉट खरीदने के इच्छुक लोगों द्वारा जब खोजबीन की गई तो उन्हें समझ ही नहीं आया कि यह कालोनी है कहां? ऐसी स्थिति में संशय पैदा हुआ कि क्या कोई फ्राड तो नहीं हो रहा है? इस स्थिति में बैतूल तहसील में डायवर्सन आरआई राहुल इवने ने बडोरा और बटामा के पटवारियों को जिम्मेदारी दी कि वह खोजकर बताए कि यह कालोनी कहां पर और किस खसरे में है? साथ ही उन्होंने कालोनी को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा? उनके द्वारा पुन: उक्त बालाजी विहार कालोनी को लेकर जब बडोरा के पटवारी से पूछा जाता है तो वह कहता है कि बटामा में होगी और बटामा का पटवारी कहता है कि उसके यहां नहीं है बटामा में होगी? कुल मिलाकर दोनों पटवारी अपने क्षेत्र में कालोनी को खोज नहीं पा रहे है और पड़ोसी हल्के में कालोनी होने की संभावनाएं जता रहे है? उनके इस तरह के कृत्य से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है? मजेदार बात यह है कि उक्त विज्ञापन में संपर्क के लिए जो दो मोबाईल नंबर दिए गए थे उस पर डायवर्सन आरआई राहुल इवने ने मंगलवार को फोन लगाया लेकिन फोन अटेंड नहीं किया गया, उन्होंने कम से कम तीन बार फोन लगाया, लेकिन नो रिस्पांस वाली स्थिति रही। इस स्थिति में इस कालोनी को कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है? क्या कालोनी का विज्ञापन छपवाकर लोगों के साथ फ्राड करने का खेल है? इस स्थिति में अब बैतूल एसडीएम की नैतिक जिम्मेदारी हो जाती है कि वह इस तरह की कालोनी जिसका विज्ञापन प्रकाशन हुआ है उसको लेकर एफआईआर दर्ज कराएं? जिस तरह से डायवर्सन आरआई के पास इस कालोनी को लेकर कोई जानकारी नहीं है उससे यह तो स्पष्ट है कि उक्त कालोनाईजर ने इस कालोनी के लिए टीएनसीपी, कालोनी विकास की अनुज्ञा और रेरा जैसी अनिवार्य अनुमतियां नहीं कराई है? क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में यदि कालोनी विकास की अनुज्ञा होती तो डायवर्सन आरआई के माध्यम से ही होती है। वहीं दूसरी ओर जो मोबाईल नंबर दिए गए है किसके है और वे आरआई का फोन क्यों अटेंड नहीं कर रहे है इसकी भी अलग से जांच होना चाहिए नहीं तो किसी दिन आम लोगों के साथ फ्राड होने से इकार नहीं किया जा सकता है? राष्ट्रीय दिव्य दुनिया ने भी उक्त दोनों नंबरों पर फोन लगाया था, ताकि वास्तविकता जान सके लेकिन कॉल ही अटेंड नहीं किया गया।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 06 नवंबर 2025


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