US के साथ टैरिफ तनाव के बीच भारत का बड़ा कदम, जिससे चीन की खुशियां बढ़ीं!
बिज़नेस | अमेरिका की तरफ से ट्रेड डील पर सहमति बनने के करीब बताया जा रहा है. उम्मीद है कि इससे टैरिफ दरों में कमी आएगी, जिससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और वे अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रख सकेंगे. इसी बीच भारत ने अमेरिका के विकल्प के तौर पर अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया है. खासकर डोकलाम विवाद के बाद चीन के साथ आई कड़वाहट को कम करने और रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.
चीन के लिए खोले पर्यटन दरवाजे
भारत ने हाल ही में चीनी पर्यटकों के लिए अपने पर्यटन दरवाजे खोल दिए हैं. अब चीनी नागरिक दुनिया भर में स्थित भारतीय मिशनों और वाणिज्य दूतावासों के माध्यम से भारत के पर्यटक वीज़ा के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस वर्ष जुलाई में भारत ने चीनी नागरिकों के लिए पर्यटक वीज़ा जारी करना दोबारा शुरू किया था. इससे पहले मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सैन्य गतिरोध शुरू होने के बाद यह सुविधा निलंबित कर दी गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में दुनियाभर के भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों में चीनी नागरिकों को पर्यटक वीज़ा जारी करने की प्रक्रिया पुनः आरंभ की गई. इसके बाद बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास और शंघाई, गुआंगझोउ तथा हांगकांग के वाणिज्य दूतावासों में आवेदन प्राप्त होना शुरू हो गए.
क्या होगा संबंधों पर असर?
पिछले कुछ महीनों में भारत और चीन ने संबंधों को स्थिर करने और उन्हें दोबारा पटरी पर लाने के लिए कई जन-केंद्रित कदमों पर सहमति जताई है. इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू करना, सीधी उड़ानों को पुनः शुरू करना, राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाना और वीज़ा सुविधाओं को आसान बनाना शामिल है. अक्टूबर में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू भी हो चुकी हैं.


महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: Indian National Congress का पीएम पर हमला, सर्वदलीय बैठक की मांग
Saurabh Bharadwaj का बयान—“राज्यसभा सांसद बने इसलिए हुई शादी”, Raghav Chadha पर निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: 60% तक बढ़ी तारकोल की कीमत, सड़क निर्माण प्रभावित
Rajnath Singh-चीन रक्षा मंत्री की बिश्केक में मुलाकात, रिश्तों में नरमी के संकेत