कानून के जानकार के मुताबिक हर प्रकरण में दर्ज होगी अलग-अलग एफआईआर...
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  पटवारी हल्का हनोतिया में बैतूलबाजार निवासी लाला प्रसाद पवार की जमीन खरीदकर और प्लॉट काटकर बेचने वाले ओमप्रकाश भोले निवासी बडोरा तथा शेखर राजपूत प्रतापवार्ड बैतूल ने 32 लोगों के साथ खुली धोखाधड़ी की है? मौके पर जो कुल रकबा है वह 43 हजार वर्गफीट है, वहीं इन्होंने जो 32 रजिस्ट्री की है उसमें कुल जमीन 44 हजार 900 वर्गफीट बेच दी है? जबकि कालोनाईजाईनिंग के नियम से सडक़ नाली, पार्क, मंदिर आदि ओपन स्पेस छोडऩे के बाद यह केवल 22 हजार वर्गफीट जमीन ही बेच सकते थे! अब सवाल यह है कि इन्होंने जो 32 रजिस्ट्रीयां की है उसमें लोगों को कब्जा कैसे देंगे ? यदि यह 32 लोग प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचते है तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि आधे से ज्यादा लोगों को प्लॉट की रजिस्ट्री करने वाले ओमप्रकाश भोले और शेखर राजपूत कब्जा ही नहीं दे पाएंगे? वैसे भी कुल रकबे 43 हजार से ज्यादा जमीन बेच चुके है? यह तो शासन के साथ भी खुली धोखाधड़ी है? जो कालोनाईजिंग नियमों को जानते है उनका कहना है कि इस मामले में तो स्वयं प्रशासन को सामने आकर प्रत्येक क्रेता को बुलाकर अलग-अलग एफआईआर कराना चाहिए? खैर यह तो सिद्ध हो गया कि ओम प्रकाश भोले और शेखर ने जो अवैध कालोनी बनाई उसमें सडक़, नाली, मंदिर, पार्क की जमीन तो बेच ही डाली है, उसके अतिरिक्त रकबे से ज्यादा की जमीन की रजिस्ट्री कर सीधे-सीधे धोखाधड़ी की है? अब सवाल यह है कि इन प्लॉटों का नामांत्रण हुआ या नहीं? करीब पांच माह पहले आठनेर क्षेत्र के दो क्रेताओं ने नामांतरण ना होने और प्लॉट पर कब्जा ना मिलने को लेकर एसपी और कलेक्टर को लिखित शिकायत भी की थी? उनका आरोप था कि जो प्लॉट दिखाया गया उसकी रजिस्ट्री किसी ओर को कर दी है? यह दोनों तो सिर्फ उदाहरण है बाकी 30 के साथ भी यही सब हुआ है?

- इनका कहना...
यह प्रत्येक क्रेेता के साथ धोखा है और हर क्रेता अलग-अलग आवेदन देकर एफआईआर करा सकता है, साथ ही यह शासन के साथ भी धोखा है तो शासन भी अलग से एफआईआर करा सकता है। यदि इन पीडि़तों को कोई कानूनी सलाह और मदद चाहिए तो हम उपलब्ध कराने को तैयार है। 
असीम चौधरी, वरिष्ठ अधिवक्ता ।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 24 नवंबर 2025