बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा।  हनोतिया में ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र शेखर राजपूत ने जिन लोगों को प्लॉट की रजिस्ट्री की है वे उन्हें अब तलाश कर रहे है? जिससे कि उन्हें प्लॉट पर कब्जा मिल सके? वजह यह है कि मौके पर जब वे प्लॉट देखने पहुंचते है तो वहां पर बोवनी होती हुई नजर आती है और बोवनी करने वाले लालाप्रसाद पवार के परिजन साफ शब्दों में कह देते है कि उन्हें ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र शेखर राजपूत ने सौदे के अनुसार पूरी राशि का भुगतान नहंी किया है और उन्हें दिए गए चैक बाउंस हो गए है, इसलिए उन्होंने अभी कब्जा नहीं दिया है। इस स्थिति में जिन 32 लोगों ने ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र राजपूत से प्लॉट खरीदे है वे चकरघिन्नी बन गए है। इसके लिए तात्कालिन एसडीएम राजीव कहार और हल्का पटवारी भी पूरी तरह से जिम्मेदार है? जिन्होंने समय रहते इनके खिलाफ नियम अनुसार कोई कार्रवाई नहीं की और कालोनी को प्रबंधन में नहीं लिया? आठनेर क्षेत्र के रहने वाले दो प्लॉट खरीदने वालों का कहना है कि उन्होंने तो जनसुनवाई और एसपी ऑफिस में बकायदा लिखित शिकायत की है उस पर अभी तक एफआईआर नहंी हुई है? वहीं ओमप्रकाश भोले और देवेन्द्र ने प्लॉट खरीदने वालों के तकाजे से बचने के लिए उनके फोन अटेंड करना ही बंद कर दिया है? वहीं चर्चा है कि खुलासा होने के बाद प्लॉट खरीदने वालों के गुस्से और कार्रवाई से बचने के लिए दोनों कुछ समय के लिए बैतूल से बाहर घूमने चले गए है? वे किसी और भी अन्य जगह इसी तरह से चूना ना लगा पाए एक प्लॉट विक्रेता ने दोनों की फोटो भी राष्ट्रीय दिव्य दुनिया को भेजी है जिससे कि उसे प्रकाशित किया जा सके। जिससे कि भविष्य में कोई इनके झांसे में ना आए? 32 लोगों ने अपनी मेहनत की जमा पूंजी से जो प्लॉट खरीदे थे उसको लेकर महज अवैध कालोनाईजिंग को लेकर एफआईआर होना पर्याप्त नहीं माना जा रहा है? इस मामले में अन्य एफआईआर होना भी नियम से जरूरी बताया जा रहा है? वर्तमान एसडीएम का कहना है कि एसआईआर के बाद इस मामले में अलग से जांच करवाई जाएगी।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 26 नवंबर 2025