एमपी के सभी कॉलेजों को ‘स्वयं पोर्टल’ पर करनी होगी पाठ्यक्रमों की मैपिंग
भोपाल। मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने स्वयं पोर्टल को लेकर 35 व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का निर्माण करने वाले केंद्रीय अध्ययन मंडल के अध्यक्ष एवं सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि वर्तमान में संचालित सभी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की स्वयं पोर्टल के साथ अनिवार्य रूप से मैपिंग 15 जनवरी तक पूर्ण की जाए, ताकि इन पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को क्रेडिट का लाभ मिल सके।
विद्यार्थी कौशल विकास के लिए नए पाठ्यक्रम होंगे शामिल
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने कहा कि स्वयं पोर्टल पर संचालित नए और अन्य रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों को समूहबद्ध कर शामिल किया जाए, जिससे विद्यार्थियों का कौशल विकास हो और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में स्वयं को सक्षम साबित कर सकें. इसके साथ ही व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ छोटे और बड़े सभी विषयों की भी स्वयं पोर्टल के पाठ्यक्रमों से मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
गैर-तकनीकी विषयों के पंजीयन में एमपी सबसे अग्रणी राज्य
बैठक में बताया गया कि गैर-तकनीकी विषयों में पंजीयन के मामले में मध्य प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है. यहां गैर-तकनीकी विषयों के पाठ्यक्रमों में लगभग 2 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जो कुल पंजीयन का करीब 57 प्रतिशत है, जबकि तकनीकी विषयों में लगभग 1.5 लाख विद्यार्थियों यानी 43 प्रतिशत ने पंजीयन कराया है. बीते एक वर्ष में राज्य में स्वयं पोर्टल पर पंजीयन में 350 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो उच्च शिक्षा विभाग द्वारा योजनाबद्ध और सतत प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।
भारत सरकार की शिक्षा नीति को हर वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य
अधिकारियों ने जानकारी दी कि स्वयं यानी स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य शिक्षा नीति के प्रमुख सिद्धांतों पहुंच, समानता और गुणवत्ता को साकार करना है. इस मंच के माध्यम से देश के श्रेष्ठ शैक्षणिक संसाधनों को समाज के हर वर्ग तक, विशेषकर वंचित छात्रों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि डिजिटल विभाजन को कम किया जा सके और अधिक से अधिक विद्यार्थी ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
महाविद्यालयों की व्यवस्थाएं होंगी बेहतर
अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए. उन्होंने कॉलेज परिसरों में स्वच्छता, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, नियमित कक्षाओं के संचालन और प्राध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया प्रगति पर है और इसके साथ ही अकादमिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।


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