बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। जिस आजीविका प्लॉजा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, उसमें पहले चरण में ही लोगों ने रूचि नहीं दिखाई? इसका बड़ा कारण यहां पर जो ऑफसेट प्राईज रखी गई है वह अधिक है और इसके साथ ही किराया भी बहुत ज्यादा बताया जा रहा है? चूंकि इसमें आरक्षण व्यवस्था है, साथ ही ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है, इसलिए भी जिस तरह की प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए वह यहां देखने में नहीं आ रही है। इसलिए 30 जनवरी को जिला पंचायत में होने वाली नीलामी को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब देखना यह है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए जिला पंचायत आगे क्या कदम उठाती है, जानकारों का कहना है कि किराए और ऑफसेट के मामले में जिला पंचायत को पुर्नविचार करना चाहिए। जिससे कि ज्यादा से ज्यादा लोग यहां पर नीलामी में प्रतिस्पर्धा करें। 

 

21 दुकानों के लिए आजीविका प्लॉजा में होनी थी नीलामी...

नजूल सीट नंबर 1 के प्लॉट नंबर 1/2, 2/2, 3 एवं 4 में व्यवसायिक काम्पलेक्स का निर्माण जिला पंचायत द्वारा किया गया है, यहां पर अलग-अलग साईज की कुल 21 दुकानें रखी गई है, जिनकी नीलामी होना है। इसके अलावा इस प्लॉजा के सामने जो नगरपालिका की दुकानें बनी है उनके दुकानदारों को भी यहां दुकानें दी जा रही है।

 

- आरक्षण व्यवस्था...

दुकानों के लिए 12 दुकानें अनुसूचित जनजाति, एक दुकान शिक्षित बेरोजगार, दो दुकान अनारक्षित, दो दुकानें परित्यकता और विधवा महिलाओं के लिए। चार दुकानें पिछड़ा वर्ग के लिए, वहीं एक दुकान अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई है। बताया जा रहा है कि अनुसूचित जनजाति वर्ग में पर्याप्त आवेदन नहीं आए है। 

 

- प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण...

1 - दुकानें केवल ग्रामीण क्षेत्र के लिए आरक्षित रखी गई है। 

2 - दुकानें 3 वर्ष के लिए ही दिए जाने की शर्त है।

3 - एक व्यक्ति को 3 दुकानें दिए जाने का प्रावधान है। 

4 - आरक्षित वर्ग की दुकान में अन्य कोई आवेदन नहीं कर सकता।

नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 30 जनवरी 2026