(बैतूल) 8 माह में सिर्फ एक बार मिला मनरेगा कर्मियों को वेतन और काम का बोझ लगातार बढ़ रहा , - मनेरगा से वीबीजीरामजी तक के सफर में मनरेगा से जुड़ा अमला हैरान परेशान
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। मनरेगा से जुड़े जिले के सैकड़ों कर्मचारी वैसे ही इस बात को लेकर ऊचापोह में है कि मनरेगा से वीबीजीरामजी होने पर क्या स्थितियां बनेगी? वहीं दूसरी ओर पिछले 8 माह में उन्हें मात्र एक बार वेतन मिला और यह वेतन लेने के लिए भी इन कर्मचारियों और इनके संगठनों ने तमाम तरह के पापड़ बेले, बैतूल से लेकर भोपाल तक आंदोलन हुआ तब इन कर्मचारियों को वेतन मिला था, लेकिन अब पिछले चार माह से मनरेगा से जुड़े तमाम कर्मचारी अपने वेतन का इंतजार कर रहे है। पिछले समय यह कहा गया था कि मनरेगा में सेन्ट्रलाईज भुगतान सिस्टम होने की वजह से वेतन भुगतान में दिक्कतें आ रही है, लेकिन जब उस सिस्टम से एक बार भुगतान हो चुका है तो फिर दूसरी बार भुगतान होने में क्यों दिक्कत है यह किसी को नहीं बताया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि काम का बोझ तो कम नहीं हो रहा है वहीं दूसरी ओर वेतन नहीं मिल रहा है।
- इस तरह के कर्मचारी है जिन्हें फिर चार माह से नहीं मिला है वेतन...
मनरेगा में ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री, डाटा एंट्री ऑपरेटर, अकाउंटेंट, कम्प्यूटर ऑपरेटर, एपीओ और पीओ स्तर के कर्मचारी है जिन्हें वेतन नहीं मिल रहा है। इनमें सबसे बड़ी संख्या ग्राम रोजगार सहायकों की है, अकेले बैतूल जिले में इनकी संख्या 550 से ज्यादा है। वहीं इनके अलावा हर जनपद में एक एपीओ, एक पीओ, दो से तीन उपयंत्री करीब चार से पांच कम्प्यूटर ऑपरेटर और एक अकाउंटेंट मनरेगा में काम रहा है।
- इस तरह से समझे 8 माह में एक बार वेतन मिला...
अगस्त 2025 से वेतन मिलना बंद हुआ, वेतन नहीं मिलने पर मनरेगाकर्मी आंदोलन करने लगे। जगह-जगह जाकर आवेदन देने लगे, इसके बाद उन्हें नवम्बर में चार माह का वेतन मिला। फिर दिसम्बर, जनवरी, फरवरी और अब मार्च तक का उन्हें नही मिला है। इस तरह से पिछले 8 माह में मात्र एक बार वेतन दिया गया।
- हेड में राशि आने की सूचना आने के बाद भुगतान...
हेड में राशि आएगी तब वेतन भुगतान होगा, पिछले नवम्बर में जो भुगतान हुआ था उसमें राशि आने के बाद सूचना आई फिर कर्मचारियों के वेतन पत्रक लगे और भुगतान हुआ जबकि पहले यह व्यवस्था नहीं थी।
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 20 मार्च 2026


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