(बैतूल) दूरदराज में बदहाल जलजीवन मिशन का हल्ला अब जिला मुख्यालय पर आए दिन सुनाई दे रहा, - नलजल योजनाओं का यदि सोशल ऑडिट कराया जाए तो वास्तविकता सामने आएगी
बैतूल(हेडलाइन)/नवल वर्मा। प्रशासन दावा करता है कि जलजीवन मिशन के तहत नलजल योजनाओं के क्रियान्वयन में बैतूल जिला प्रदेश में रैकिंग के मामले में सातवें स्थान पर है? हो सकता है कि आंकड़ों में भले ही यह स्थिति नजर आ रही है, लेकिन मैदानी स्तर पर नलजल योजनाओं को लेकर आए दिन बदहाली के मामले सामने आते है और अब इसका हल्ला जिला मुख्यालय पर मचने लगा है। ग्रामीण क्षेत्र से ग्रामीण और वहां के जनप्रतिनिधि आए दिन विशेषकर मंगलवार जनसुनवाई में नलजल योजनाएं बंद होने, अधूरी होने, बोर सूख जाने आदि को लेकर जिला मुख्यालय पर आकर पोल खोलने का काम करते है? इस मंगलवार को भी ऐसा ही कुछ हुआ, जब भैंसदेही और मुलताई की नलजल योजनाओं को लेकर जिला कांग्रेस ने आईना दिखाने का काम किया?
- गुजरात के ठेकेदारों ने जलजीवन मिशन में जिले की नलजल योजनाओं किया बंटाधार : जिलाध्यक्ष डागा...
- बैतूल जिला नलजल योजना के सफल क्रियान्वयन में प्रदेश में सातवें पायदान पर है : कलेक्टर सूर्यवंशी..
मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय डागा, पूर्व विधायक धरमूसिंह के नेतृत्व में भैंसदेही, भीमपुर क्षेत्र की बंद पड़ी नलजल योजनाओं को लेकर ग्रामीणों के साथ जनसुनवाई में दस्तक दी। इसमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गुजरात के ठेकेदारों ने नलजल योजनाओं का बंटाधार कर दिया है? इस पर कलेक्टर ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बैतूल जिला प्रदेश में सातवें पायदान पर है तो निलय डागा मोबाईल पर नलजल योजना की स्थिति दिखाने लगा तो कलेक्टर ने कहा कि ऐसी कुछ समस्याएं आई है जिन्हें हम दूर कर रहे है। बैतूल जिले में गहराते पेयजल संकट के विरोध में कई गांवों के ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला कांग्रेस के नेतृत्व में ज्ञापन भी सौंपा। बोर सूख जाने के कारण नल-जल योजना पूरी तरह बंद पड़ी है। गांव ऊंचाई पर स्थित होने के कारण जलस्रोत जल्दी सूख जाते हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि मेंडा और भूरूकास्या के बोर से पाइपलाइन जोडक़र बर्राकास्या और कास्या क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सकेगा। चूडिय़ां गांव के ग्रामीणों ने भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि यहां सरपंच और उपसरपंच के हस्ताक्षर कर योजना का हैंडओवर कर दिया गया है, जबकि वास्तविकता में काम अधूरा है और गांव में आज तक पानी नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन में हुए कथित फर्जीवाड़े और झूठे हैंडओवर की गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 08 अप्रैल 2026


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