ईरान से दूरी क्यों बना रहा चीन, क्या है असली वजह
बीजिंग|अमेरिका और इस्राइल के साथ ईरान के तनाव के बीच चीन ने बड़ा बयान दिया है। चीन ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उसने युद्ध के दौरान ईरान की सैन्य मदद की। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चीन की भूमिका पर बहस शुरू हो गई है।
दरअसल, चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता झांग शियाओगांग ने साफ कहा कि चीनी कंपनियों द्वारा ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें या चिप बनाने का उपकरण देने की खबरें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ अफवाह और भ्रामक जानकारी है, जिसका कोई आधार नहीं है। चीन ने अमेरिका के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिनमें कहा गया था कि चीन और रूस ईरान की मदद कर रहे हैं।
क्या चीन ने ईरान को कोई सैन्य मदद दी थी?
चीन ने साफ शब्दों में कहा कि उसने ईरान को किसी भी तरह की सैन्य सहायता नहीं दी है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चीनी कंपनी ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों की तस्वीरें जारी की थीं और सेमीकंडक्टर उपकरण उपलब्ध कराए थे, लेकिन चीन ने इन सभी आरोपों को नकार दिया।
अमेरिका के आरोपों पर क्या बोला चीन?
चीन ने अमेरिका के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कुछ देश जानबूझकर चीन के खिलाफ गलत जानकारी फैला रहे हैं। चीन ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय समझता है कि कौन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है और कौन शांति की बात कर रहा है।
चीन ने अपनी भूमिका को कैसे बताया?
चीन ने कहा कि वह हमेशा से ईरान मुद्दे पर निष्पक्ष और संतुलित रुख अपनाता रहा है। उसने दावा किया कि वह लगातार शांति वार्ता को बढ़ावा देता रहा है और कभी भी हालात को भड़काने का काम नहीं किया। चीन ने खुद को शांति समर्थक देश बताया। हालांकि माना जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप के सख्त रुख और टैरिफ नीति के चलते चीन पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में चीन का यह बयान वैश्विक कूटनीति में संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


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