बैतूल (हेडलाइन)/नवल वर्मा। बैतूल नगरपालिका को लेकर कहा जाता है कि यह बैतूल विधायक के विजन के आधार पर अपना प्लॉन तय करती है। अब शहर के 33 वार्डो में झाडू सहित साफ सफाई करने के लिए नगरपालिका ने जो टेंडर लगाया है क्या वह बैतूल विधायक के चमत्कारी विजन का असर है? यह सवाल इसलिए उठ रहा है कि झाडू लगाने के लिए भी जो टेंडर लगाया गया है उसमें बिड डालने वाली फर्म या कंपनी से अनुभव मांगा जा रहा है? अब सवाल यह है कि झाडू लगाने में ऐसे कौनसे तकनीकी कौशल की आवश्कता है जो नगरपालिका अपने टेंडर में इस तरह की शर्त जोड़ रही है! इस शर्त के जोडऩे से नगरपालिका के टेंडर लगाने की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है? नगरपालिका का यह टेंडर करोड़ों रूपए का है और इस तरह की शर्त लगाने की वजह से स्वाभाविक रूप से बैतूल का कोई स्थानीय व्यक्ति या फर्म इस टेंडर में भाग ही नहीं ले पाएगा और इसका सीधा फायदा बाहर की फर्म या ठेकेदार को मिलेगा। जिस तरह से शर्त जोड़ी गई है उससे यह अंदेशा है कि किसी चहेती फर्म को उपकृत करने के लिए यह सब किया जा रहा है।

- 3 करोड़ 70 लाख का है टेण्डर और 100 सफाई कामगारों की है डिमांड...


नगरपालिका बैतूल ने 10 अप्रैल को रात्रिकालीन साफ सफाई व्यवस्था के लिए 100 सफाई कामगारों की जरूरत का एक टेण्डर जारी किया है। इस टेण्डर की आफसेट प्राईज 3 करोड़ 70 लाख रूपए टेण्डर में दर्शाई गई है। शहर के सभी 33 वार्डो में रोड, नाली की सफाई के साथ-साथ सार्वंजनिक और व्यवसायिक क्षेत्र सहित फुटपाथ पर रात्रिकालीन सफाई करना है और इस टेण्डर में ही बिड डालने वाली फर्म या ठेकेदार के लिए अनुभव जरूरी बताया गया है?

- आखिर झाडू लगवाने में कौनसा तकनीकी कौशल अनिवार्य है...


झाडू लगाने और लगवाने का कहीं कोई पाठ्यक्रम चलता है या ट्रेनिंग दी जाती है इसकी जानकारी आज तक सामने नहीं आई है, साथ ही किसी फर्म को इस तरह के अनुभव की जरूरत क्यों पड़ेगी यह भी बड़ा सवाल है? यह सवाल इसलिए भी ज्यादा उठ रहा है कि बैतूल नपा में हर छोटे-बड़े काम को लेकर अक्सर यह बताया जाता है कि यह बैतूल विधायक या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की मंशा या विजन के आधार पर किया जा रहा है और इसलिए अनुभव का मामला बड़ा मुद्दा बन रहा है?
नवल वर्मा हेडलाइन बैतूल 08 मई 2026