कांग्रेस की आपत्तियां खारिज, परिमल नाथवानी के नामांकन को मिली मंजूरी
रांची: झारखंड राज्यसभा चुनाव की दो सीटों के लिए चल रही चुनावी प्रक्रिया के बीच निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को बड़ी राहत मिली है। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उनके आवेदन पर कुछ आपत्तियां दर्ज की गई थीं, जिसके चलते उनके नामांकन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बाद में संबंधित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया और संतोषजनक जवाब मिलने के बाद उनके नामांकन पत्र को वैध घोषित कर दिया गया।
कांग्रेस की आपत्तियां भी हुईं खारिज
नामांकन प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस की ओर से परिमल नाथवानी के खिलाफ आपत्तियां उठाई गई थीं। हालांकि जांच और स्पष्टीकरण के बाद इन सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही नाथवानी की चुनावी राह में आया एक बड़ा अवरोध दूर हो गया और अब वे आधिकारिक तौर पर चुनावी मुकाबले में बने हुए हैं।
तीन उम्मीदवारों के बीच होगा मुकाबला
नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद अब राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी शामिल हैं। ऐसे में चुनावी मुकाबला पहले से अधिक दिलचस्प हो गया है।
विधानसभा का गणित गठबंधन के पक्ष में
विधानसभा में मौजूद मौजूदा संख्या बल पर नजर डालें तो सत्तारूढ़ गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई देता है। गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जिसके आधार पर वह दोनों सीटों पर जीत का दावा कर सकता है। यही वजह है कि राजनीतिक जानकार इस चुनाव में गठबंधन को बढ़त की स्थिति में मान रहे हैं।
क्रॉस वोटिंग की चर्चाओं ने बढ़ाई दिलचस्पी
हालांकि परिमल नाथवानी के चुनाव मैदान में बने रहने से मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं माना जा रहा है। भाजपा समर्थित उम्मीदवार होने के कारण उनकी मौजूदगी ने चुनाव को रोचक बना दिया है। अब राजनीतिक गलियारों में क्रॉस वोटिंग और प्राथमिकता वोटों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव परिणाम पर सबकी नजर
एनडीए के पास 24 विधायक हैं, इसलिए परिमल नाथवानी को जीत दर्ज करने के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में चुनाव का अंतिम परिणाम विधायकों की रणनीति, प्राथमिकता वोटों और संभावित क्रॉस वोटिंग पर काफी हद तक निर्भर करेगा। यही कारण है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है और सभी की नजर अब मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हुई है।


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