"धर्म पूछकर हत्या: ओवैसी ने बताया सांप्रदायिक हिंसा"
हैदराबाद। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पहलगाम आतंकी हमले पर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कहा है कि अब वक्त आया गया है कि पाकिस्तान को सख्त और निर्णायक जवाब दिया जाए। उन्होंने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के फैसले का स्वागत करते हुए इसे साहसिक कदम बताया। साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल पूछा कि अगर हम पाकिस्तान को पानी नहीं देंगे तो उसे कहां स्टोर करेंगे।
ओवैसी ने कहा कि हमलों के दौरान लोगों से उनका धर्म पूछकर गोली मारी गई। ये सामान्य आतंकवाद नहीं, सांप्रदायिक हिंसा है। उन्होंने कश्मीरियों और घाटी के छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद करने की अपील की। साथ ही जोर देकर कहा कि आतंकवादियों की कड़ी निंदा जरूरी है, लेकिन निर्दोष लोगों को निशाना बनाना सही नहीं है।
ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को शरण देता है, सरकार को अब बिना किसी संकोच के कार्रवाई करनी चाहिए। ओवैसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भारत को आत्मरक्षा में वायु और समुद्री नाकेबंदी करने का अधिकार देता है और भारत को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध जैसे कठोर कदम भी उठाने चाहिए। हालांकि ओवैसी ने बेसरान घास के मैदान में सीआरपीएफ की अनुपस्थिति और क्यूआरटी के एक घंटे की देरी से पहुंचने पर सवाल उठाए। उन्होंने इस हमले को टारगेटेड और सांप्रदायिक करार दिया। बैठक में शामिल रहे नेता जेपी नड्डा, एस जयशंकर, किरण रिजिजू, मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने भी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने का संकल्प लिया।
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है, जिसे पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा माना जाता है।


वंदना कॉन्वेंट स्कूल में मधुमक्खियों का हमला, 30 से ज्यादा बच्चे और शिक्षक घायल
Ravichandran Ashwin का बड़ा खुलासा, चेन्नई में ऐसा क्या हुआ कि छोड़ना पड़ा IPL?
Madhya Pradesh में बसों में पैनिक बटन और VLTD अनिवार्य, नहीं लगाने पर परमिट रद्द
Ladli Behna Yojana की 35वीं किस्त, लाडली बहनों को मिलेंगे 1500 रुपये
भोपाल के बड़ा तालाब पर बुलडोजर एक्शन: अवैध निर्माण हटाने का महा अभियान शुरू