शाह के एक पोस्ट से मचा सियासी तूफान, TMC पर अटकलें तेज
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस समय देश के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह पूरा मामला पश्चिम बंगाल की राजनीति और वहां के एक मशहूर पकवान से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर लोग अब अलग-अलग तरह के राजनीतिक मायने निकाल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर किया। इसमें उन्होंने बंगाल के सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड 'झालमुड़ी' का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने एनडीए (NDA) की बैठक के दौरान चटपटी, मसालेदार और कुरकुरी यानी “Tangy, Masaledar and Crunchy” झालमुड़ी का मजा लिया।
'TMC' से क्यों जोड़ा जा रहा है संबंध?
इस साधारण से दिखने वाले पोस्ट पर बवाल इसलिए मच गया क्योंकि अमित शाह ने अपने पोस्ट में इन तीन अंग्रेजी शब्दों के शुरुआती अक्षरों (Tangy, Masaledar, Crunchy) को बड़े अक्षरों (Capital Letters) में लिखा था। इन तीनों अक्षरों को मिलाने पर 'TMC' बनता है, जो कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी 'तृणमूल कांग्रेस' का संक्षिप्त नाम है। बस इसी वजह से राजनीतिक जानकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे बंगाल की राजनीति और टीएमसी से जोड़कर देखना शुरू कर दिया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हमेशा से ही सांस्कृतिक प्रतीकों और खानपान का बड़ा महत्व रहा है। यही वजह है कि लोग गृह मंत्री के इस पोस्ट को एक सोची-समझी सियासी चुटकी या तंज के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, अमित शाह ने अपने पूरे पोस्ट में कहीं भी सीधे तौर पर टीएमसी या उनकी किसी नेता का नाम नहीं लिया है।
क्या है झालमुड़ी का महत्व?
झालमुड़ी पश्चिम बंगाल का एक बेहद पसंदीदा और पारंपरिक स्ट्रीट फूड है, जिसे फूले हुए चावल (मुरमुरे), मसालों, मूंगफली और कटी हुई सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है। बंगाल की संस्कृति में रचे-बसे इस पकवान का जिक्र करके नेता अक्सर वहां की जनता से जुड़ने की कोशिश करते हैं।
अटकलों पर क्या है स्थिति?
फिलहाल सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है और लोग इसके पीछे छिपे राजनीतिक संदेश को डिकोड करने में जुटे हैं। कुछ विश्लेषक इसे विपक्ष पर एक चतुर तंज मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह एक सामान्य पोस्ट है और इसका कोई सियासी मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या पुष्टि सामने नहीं आई है।


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