छत्तीसगढ़ में विदेशी फंडिंग पर बवाल, Deepak Baij का सरकार पर हमला
छत्तीसगढ़: विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण के खुलासे पर सियासी घमासान; सीएम साय बोले- ईडी करेगी सख्त जांच
रायपुर। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील अंचलों में ईसाई मिशनरी गतिविधियों के लिए विदेशी धन के इस्तेमाल का मामला गरमा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हालिया खुलासे के बाद प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि इस गंभीर मामले की तह तक जाने के लिए ईडी गहन जांच करेगी।
विदेशी धन का जाल: 95 करोड़ रुपये का इनपुट
जांच एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका से भेजे गए धन का उपयोग बस्तर और धमतरी जैसे क्षेत्रों में धार्मिक प्रसार के लिए किया गया है।
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आंकड़े: नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच विदेशी डेबिट कार्ड के माध्यम से लगभग 95 करोड़ रुपये भारत लाए गए।
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छत्तीसगढ़ कनेक्शन: इनमें से करीब 6.5 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में खर्च किए गए।
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प्रतिबंधित संगठन: इस मामले में ‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ नामक संस्था का नाम सामने आया है, जो भारत में प्रतिबंधित है और जिसके पास एफसीआरए (FCRA) का वैध पंजीकरण भी नहीं है।
दीपक बैज का पलटवार: सरकार पर उठाए सवाल
विदेशी फंडिंग के खुलासे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा:
"धर्मांतरण के लिए विदेशी धन आने का यह मामला 2025 का है, जब राज्य और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार है। सवाल यह है कि डबल इंजन की सरकार की नाक के नीचे यह पैसा कैसे आया? यह सब केवल जनता को गुमराह करने और मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है।"
बीजेपी का जवाब और सीएम का रुख
भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि वह हमेशा जांच एजेंसियों पर सवाल उठाकर अवैध धर्मांतरण करने वालों का बचाव करती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईडी ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है और अब एजेंसी ही इस मामले में आगे की विस्तृत जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।


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