'घर घर में राम राज्य की स्थापना होने से भारत में स्थापित होगा रामराज्य'

लखनऊ 21 जुलाई। यहां इंदिरानगर के सेक्टर 14 स्थित श्री सिद्धेश्वर नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में पिछले 5 दिनों से चल रहे "प्रभु श्रीराम चर्चा - सत्संग महोत्सव" का आज विधिवत समापन हो गया। वृंदावन से आए प्रख्यात कथा व्यास आचार्य सन्तोष भाईश्री ने अध्यात्म जिज्ञासुओं का आव्हान किया कि वे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम तथा गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस को मानने के साथ-साथ उनके द्वारा दी गई शिक्षाओं को जीवन में उतारें। तभी इस श्रीराम चर्चा का पूरा लाभ व्यक्ति, परिवार और समाज को मिल सकेगा। उन्होंने इस अवसर पर भारत भाग्योदय, वैश्विक अभ्युदय, प्रकृति एवं मानवता को समर्पित आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठन 'भाग्योदय फाउंडेशन' के दूरदर्शी चिंतन तथा उसके क्रियाकलापों की सराहना की। 

इस अवसर पर आचार्य सन्तोष भाईश्री ने कहा कि हमारे परिवार और समाज की अनेक समस्याओं के निदान रामचरितमानस में, रामायण में भरे पड़े हैं। जरूरत है, रामायण को मानने के साथ-साथ रामायण की भी मानी जाए, श्रीरामचरितमानस को पूजने के साथ-साथ श्रीरामचरितमानस की बात को स्वीकार और अंगीकार किया जाए। श्रीमद्भगवद्गीता को मानने और पूजने के साथ प्रभु श्रीकृष्ण के संदेशों को जीवन में आत्मसात किया जाए। ऐसा करने पर नि:संदेह न केवल हमारे जीवन में बदलाव होगा, बल्कि हम समाज व देश के लिए बहुत अधिक उपयोगी बन सकेंगे। साथ ही निजी जीवन, पारिवारिक जीवन एवं सामाजिक जीवन में व्याप्त ढेरों समस्याओं का निदान भी सम्भव हो सकेगा। 

आचार्य सन्तोष भाईश्री ने मणिपुर आदि में अलग-अलग वर्गों के बीच बढ़ रही खाई को पाटने के लिए काम करने की जरूरत बताई और कहा कि काश! हम अपने इस देश में जातियों, वर्गों के बीच खाई पाटने और अन्याय को जड़ मूल से समाप्त कर देने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के पावन चरित्र तथा शिक्षणों से अपनी नयी पीढ़ी को जोड़ पाते। यदि ऐसा हो सका होता तो चाहे मणिपुर हो या कश्मीर अथवा देश के अन्य कोई अंचल, कहीं भी अशांति का बोलबाला नहीं दिखता। सभी ओर सुख-शांति, पारस्परिक सद्भाव और सहयोग के दर्शन होते। आचार्य भाईश्री ने कहा कि भाग्योदय फाउंडेशन समसोच वाली विभिन्न संस्थाओं के बीच स्नेह-सहयोग एवं सहगमन बढ़ाने के जो प्रयत्न कर रहा है, उनका अभिनंदन किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी से साथ आकर राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति के लिए समर्पित भाव से काम करने की अपील की।
 
उल्लेखनीय है, प्रभु श्रीराम चर्चा : सत्संग महोत्सव का आयोजन भाग्योदय फाउंडेशन द्वारा किया गया था। अवध सेवा संकल्प समिति तथा सिद्धेश्वर नाथ महादेव मन्दिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। पाँच दिनों के इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में प्रतिभाग करने वाले स्त्री-पुरुषों ने इस बात की सराहना की कि आचार्य सन्तोष भाईश्री ने भारत और विश्व में रामराज्य स्थापित करने के पहले घर-घर में रामराज्य की स्थापना पर बल दिया और उसके अनेक सूत्र जनमानस को प्रदान किए। सभी का मानना है कि ऐसा सम्भव होने पर देश एवं दुनिया में रामराज्य स्वतः ही स्थापित हो जाएगा।